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Income Tax FY 2025-26

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  Income Tax FY-2025-26 इनकम टैक्स के लिए मेरे पास मेल आए है कि क्या न्यू रेजीम अच्छा है या पुराना। सबसे पहले मैं यह बता दूं कि यह व्यक्ति टू व्यक्ति Person to person निर्भर करता है । इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को दोनों रेजीम से करके देखना होगा । Tax  Slab - New Regime - FY-2025-26  01/04/2025 to 31/03/2026 Upto 4 Lakh.                    Nil 4 Lakh to 8 Lakh             5% 8 Lakh to 12 Lakh.         10% 12 Lakh to 16 Lakh.       15% 16 Lakh to 20 Lakh.       20%    20 Lakh to 24 Lakh        25% 24 Lakh to 50 Lakh        30% 50 Lakh to 1 Crore.      30% + surcharge 10% 1 Crore to 2 Crores      30% + surcharge 15% Above 2 Crores.           30% + surcharge 25% इसमें 60000 तक का रिबेट दिया हुआ हैं अर्थात यदि आपकी टैक्सेबल इ...

इंवेस्ट कहा करे ......

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  इंवेस्ट कहा करे ...... मेरे पास बहुत से मेल आये है जिसमे यह पुछा गया है कि मार्केट मे बहुत से ओप्शन है हम इंवेस्ट कहा करे जिससे हमारा पैसा सेफ भी हो और इंवेस्ट भी हो जाये ! कुछ का पुछना है कि क्या म्युचल फंड ही सही है और भी मैंने सभी के प्र्श्नो का उत्तर देने क प्रयास किया है ! पैसा बचाने के दो ही ओप्शन होते है : 1 - सेविंग 2. इंवेस्ट्मेट 1. सेविंग  -  जहा पर फिक्सड इंटरेस्ट हो जैसे बेंक और पोस्ट ओफिस या गोवर्मेंट बांड - इनमे ब्याज दर बहुत कम होती है लेकिन ग्यारंटी होती है इसमे भी कुछ पैसा अवश्य होना चाहिये ! 2. इंवेस्ट्मेट - इंवेस्ट्मेट हमेशा समय और स्थान पर निर्भर होता है ! उसका रेट फिक्स नही होता ! इनमे पैसा कम होने के भी चांस होते है ! इंवेस्ट्मेट के अनेक आप्शन है : 1. शेयर मार्केट  2. प्रोपेर्टीस  3. सोना या अन्य मेटल 1. शेयर मार्केट - शेयर मार्केट एक बहुत बडा क्षेत्र है इसमे किसी कम्पनी के डाइरेक्ट शेयर, म्युचल फंड, इटीएफ, आदि आते है !  जैसे शेयर का रेट उस कम्पनी के परफार्मेंस पेर निर्भर होता है वैसे ही म्युचल फंड और इटीएफ भी फंड के चुनाव पर और...

पेंशन प्लान या WIP मे कौन सा बेहतर

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  पेंशन प्लान या WIP मे कौन सा बेहतर       आजकल पेंशन प्लान बहुत चर्चा मे है , तो इसमे बहुत लोग भ्रमित हो जाते है , कि कौन सा पेंशन प्लान ले, पेंशन प्लान ले या WIP ले या लेना भी चाहिये या नही ।        पेंशन प्लान तो सभी लोग ले सकते है लेकिन जिनकी सरकारी नौकरी है और उसमे निश्चित पेन्शन मिलने वाली हो तो उन्हे इसकी जरुरत नही है फिर भी लेना चाहे तो  ले सकते है । एसे  लोगो को  जिनकी  निश्चत  पेंशन नही है या जिनकी कम है उन्हे आवश्यक रुप से लेना चाहिये । पेंशन प्लान दो प्रकार से लिये जा सकते है : 1.  इंसुरेंश कम्पनियो द्वारा -  इंसुरेंश कम्पनियो द्वारा जो प्लान दिये जाते है उनमे दो प्रकार से होते है : a. एक्मुश्त राशी देकर   - इसमे एक ही बार मे राशि जमा करके पेंशन प्राप्त की जाती है या  एक ही बार मे राशी जमा करके कुछ वर्षो के बाद पेंशन प्राप्त की जाती है जिसे Deferment Period कहा जाता है । b. किश्तो मे राशी देकर - इसके अंतर्गत किश्तो मे कुछ वर्षो तक राशी जमा की जाती है और उसके बाद पेंशन प्राप्त की जाती ...

स्वतंत्रता दिवस कौन सा 2024 का 77 वा या 78 वा

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  स्वतंत्रता दिवस कौन सा  77 वा या 78 वा       मेरे पास बहुत से मेल आये है जिसमे मुझसे पुछा गया है कि अभी वाला 2024 का स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) कौन सा है 77 या 78. इसमे बहुत से लोगो को दुविधा रहती है ।      हमारा पहला स्वतंत्रता दिवस   (Independence Day)  15 अगस्त 1947 को मनाया गया और दुसरा उसके एक वर्ष बाद अर्थात 15 अगस्त 1948 को मनाया गया । इसका मतलब यह है कि 15 अगस्त 1948 को स्वतंत्रता दिवस  (Independence Day)  दुसरा था लेकिन स्वतंत्रता वार्षिकी  (Independence Anniversary )  पहली थी ।       स्पष्ट है कि 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस  (Independence Day)  78 वा और स्वतंत्रता वार्षिकी  (Independence Anniversary)  77 वी होगी ।    

5G मोबाइल मे कितने बेंड आवश्यक है ।

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5G इंटरनेट मे 4G से 100 गुना अधिक स्पीड होती है । लेकिन इसे लगाने के लिए पुरे इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) को बदलना होता है अर्थात इसके करने मे समय और बहुत ज्यादा पैसे लगते है इसलिय अभी इंटरनेट वाली कम्पनिया दो तरह से काम करने वाली है :  1. NSA – इसका फुल फार्म है Non Standalone – इसमे 4G टावर मे कुछ अपग्रेड करके उसकी स्पीड बडायी जाती है । अभी भारत मे लगभग सभी जगह 4G की सर्विस चालु है अर्थात यह कार्य जल्द ही पुरा हो जायेगा ।  पहले 13 शहरो मे यह शुरु होगा ; अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पुणे, दिल्ली और मुंबई ।  इसमे सैद्धांतिक ( theoretically) स्पीड लगभग 1 GBPS तक मिलेगी, जबकी 4G की सैद्धांतिक ( theoretically) स्पीड लगभग 100 MBPS (0.1 GBPS) तक होती है । अर्थात हमे अभी लगभग 10 गुना अधिक स्पीड देखने को मिलेगी ।  2. SA - इसका फुल फार्म है Standalone – इसमे पुरा infrastructure को बदलना होता है । NSA के साथ साथ इसे भी किया जायेगा जिसमे की 2-3 साल लग सकते है ।  इसमे सैद्धांतिक ( theoretically) स्पीड लगभग ...

Bonds (बांडस) क्या है ?

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  जब किसी कम्पनी को मार्केट से पैसा लेना होता है तो या तो वह आइ पी ओ (IPO) लाती है या बांड इसु करती है । आइ पी ओ की ज्यादा जानकारी के लिए निम्न लिंक को क्लिक करे । IPO क्या है ? बांड मे एक निश्चित ब्याज दर (इसे कुपन रेट कहा जाता है) होती है और समय भी निश्चित होता है । अर्थात कम्पनी आपसे बांड के जरिये निश्चित समय के लिए फिक्स ब्याज दर पर लोन लेती है । ब्याज दर हमेशा बैंक एफ डी से ज्यादा होता है जिस पर शेयर मार्केट का कोई प्रभाव नही होता है ।  बांड आप किसी ब्रोकर की साइट से खरीद सकते है । इसमे डिमेट अकाउंट होना जरुरी है । कम्पनी बांड क्यो इश्यु करती है :  जब किसी कम्पनी को पैसे की आवश्यकता होती है तो उसके पास तीन आप्शन होते है,  1.  आइ पी ओ निकालकर पब्लिक से पैसा ले - इसमे उसको अपने कुछ शेयर पब्लिक को देने होते है जिससे की कम्पनी के मनेजमेंट की शेयर होल्डींग कम हो जाती है । कुछ कम्पनीया एसा नही करती है । 2.  बैंक से लोन ले - यह किसी कम्पनी के लिए एक अच्छा तरीका है लेकिन इसमे उन्हे ब्याज दर ज्यादा देनी होती है । 3. बांड के माधय्म से पब्लिक से पैसा ले - इसमे उन...

SIP या Lump sum (एकमुश्त) - कौन सा बेहतर - Mutual Fund

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मेरे पास बहुत से मेल आए हैं जिसमें लोगों ने पूछा है कि म्यूचल फंड में पैसा एक साथ जमा करना अच्छा होता है या एस आइ पी  मे अच्छा होता है । मेरे विचार से एस आइ पी (SIP - Systematic Investment Plan) ज्यादा बेहतर होता है । इसके अंतर्गत आप हर महीने एक निश्चित पैसा  लगाते है जिससे की  मार्केट के उतार चडाव का एवेरेज हो जाता है और हानी होने के अवसर कम होते है । इसमे जैसे की आपको हर महिने पैसा देना होता है अर्थात आज आपको एकमुश्त राशि की आवश्यकता नही  होती । इसके विपरीत यदि आप एकमुश्त राशी लगाना चाहते है तो उसके लिए आप अलग - अलग फंड  मे लगाए जिससे की यदि एक फन्ड मे कुछ प्राब्लम होती है तो वह दुसरे से बेलेन्स हो जाती है और ज्यादा हानी होने से बच जाते है । बहुत से प्रश्न है कि इसमे साधारण ब्याज होता है या चक्र्व्र्धि ब्याज होता है ? म्युचल फंड मे कोई ब्याज दर नही होती है । केवल पैसे की वेल्यु बढती है जिसको बाद मे केलकुलेट करके ब्याज दर निकाली जाती है । यह एक इनवेस्टमेंट है सविंग नही है ।   इनवेस्टमेंट और सेविंग की डिटेल्स के लिए निचे लिन्क पर क्लिक करे ।  ...

NPS और PPF मे क्या अंतर है

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  मेरे पास कुछ मेल आये है जिसमे यह पुछा गया है कि हम PPF और NPS मे से कौन सा ले । तो इसके लिए सबसे पहते हम समझते है कि ये क्या है ? PPF - Public Provident Fund -  हम यह जानते है कि सरकारी कर्मचारी का GPF अर्थात एक फंड होता है जिसमे की कर्मचारी के वेतन का 12% ( बेसिक) कटता है जिसके उपर बेंक एफ डी से ज्यादा ब्याज मिलता है और रिटायरमेंट के समय एकमुश्त राशि मिल जाती है । वैसे ही प्राइवेट कर्मचारी के लिए EPF होता है । लेकिन आम नागरिक के लिए एसा कुछ नही था । इसलिए गोवर्मेंट ने एक पब्लिक के लिय फंड बनाया जिसका नाम PPF है जिसमे कोई भी व्यक्ति पैसा जमा कर सकता है, और 15 वर्ष के बाद पुरा पैसा ले सकता है । अर्थात यह लम्बे समय का निवेश है । इसमे कुछ बाउंडेशन है जैसे कि 15 वर्ष के पहले आप पैसे नही निकाल सकते । यदि आपको आवश्यक हो तो 3 से 5 वर्ष के बीच आप लोन ले सकते है लेकिन वह दुसरे साल के 25% के बराबर ही मिलेगा । यदि 5 वे साल तक आप पहले का लोन पुरा कर देते है तो 6 वे वर्ष फिर से लोन ले सकते है । 6 वर्ष के पुर्ण होने के बाद आप 50% पैसा निकाल सकते है । इसका ब्याज हर वर्ष फाइनेंस मिनिस्ट्री ...

Saving और Investment मे क्या अंतर है ?

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हम अधिकांशत: दो शब्द सुनते है एक सेविंग और एक इनवेस्ट्मेंट । आखिर क्या है इनमे अंतर, इसे हम समझते है । सेविंग (Saving या बचाना) - सेविंग के अंदर आपके द्वारा बचाया हुआ पैसा या तो आपके पास होता है या उसे फिक्स डिपोसिट मे नियत ब्याज पर जमा किया जाता है । अर्थात उसके कम होने की सम्भावना नही होती है और न ही वह ज्यादा बढ्ता  है । इंवेस्ट्मेंट (Investment या निवेश) - इंवेस्ट्मेंट के अंदर आप अपना पैसा कही लगाते हो जैसे कि प्लाट खरिदना, शेयर खरीदना, म्युचल फंड मे लगाना, मकान खरीदना, आदि । इसके अंदर लगाया हुआ पैसा  कुछ वर्षो के बाद या तो ज्यादा या कम भी हो सकता है ।  उदाहरण के लिए आपने किसी एक जगह प्लाट खरिदा, कुछ वर्षो के बाद उस जगह पर ज्यादा डेवलपमेंट हो गया आपके प्लाट के भाव चार गुना हो गये इसके विपरित उस जगह पर कोई डेवलपमेंट नही हुआ और आपके प्लाट कोई लेने वाला भी नही है तो आपने जितने मे खरिदा उससे कम मे बेचना पड गया या फिर उसके बडने का इंतजार करना पडा । बस इसे ही कहते है इंवेस्ट्मेंट या निवेश। जिस तरह हमे प्लाट लेते समय उस जगह के भविष्य के बारे मे जानना जरुरी है वैसे ही  ...

NFO क्या है ?

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  जब कोई म्युचल फंड कम्पनी नया म्युचल फंड लांच करना चाहती है तो उसे लांच करने के पहले एक आफर निकालती है जिसे NFO (New Fund Offer) कहते है ।  इसका प्रारम्भिक मुल्य जिसे NAV (Net Asset Value) कहा जाता है वह 10 रुपये से शुरु होता है । इसमे कम से कम 1000 से 5000  रुपये का इंवेस्ट्मेंट जरुरी होता है वह फंड पर निर्भर करता है ।  यह  IPO से अलग है  इसमे आपको म्युचल फंड   अधिकाशत: मिल ही जाते है ।  जबकि  IPO मे एसा नही होता है । (IPO की डिटेल के लिये IPO क्या है ?   👈     क्लिक करे । अब प्रश्न यह है कि क्या इसे लेना फायदेमंद है ? यह तो उस फंड पर निर्भर करता है सभी फंड का NFO  फायदेमंद नही होता है । लेकिन कुछ फंड बहुत ज्यादा रिटर्न देते है इसलिए फंड का चुनाव किसी एक्सपर्ट से करवाय । जो म्युचल फंड पहले से चल रहे होते है उसका आप पिछला रिकार्ड देखकर अंदाजा लगा सकते है लेकिन यह एक्दम नया फंड होता है इसलिय इसका कोइ पिछला रिकार्ड होता ही नही है ।     

QR Code कितना सुरक्षित (safe) है ?

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  मेरे पास एक कमेंट आया कि क्या QR कोड सुरक्षित (safe) है ?  और QR कोड से समान पेमेंट प्राप्त करने पर भेजने वाले का कैसे पता चलता है । तो सबसे पहले हम यह जाने कि QR कोड क्या है । 

मेडिक्लेम / हेल्थ इंसुरेंश (Mediclaim/Health Insurance) क्या है ।

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  सबसे पहले तो यह जान लेते है कि मेडिक्लेम बिमा पालिसी या हेल्थ बिमा पालिसी क्या है ?   मेडिक्लेम / हेल्थ पोलिसी एक बीमा (Insurance)   है जिसमे आपके अस्पताल (Hospital) का खर्चा एक निश्चित राशी तक बिमा कम्पनी द्वारा उठाया   जाता है   और इसके लिय आपको प्रति वर्ष कुछ पैसा देना होता है जिसे प्रिमियम कहते है। मेडिक्लेम और हेल्थ बिमा मे अंतर यह है कि   हेल्थ बिमा मे अस्पताल मे एडमिट होने के पहले और बाद के इलाज का खर्च भी दिया जाता है जबकि मेडिक्लेम मे केवल अस्पताल का खर्च दिया जाता है । यह एक अकले व्यक्ति या पुरे परिवार का होता है । इसे पुरे परिवार का ही लेना चाहिये । इसका प्रिमियम 80 D के अंतर्गत ₹ 25000/- तक इनकम टेक्स मे छुट मिलती है । ध्यान रहे मेडिक्लेम/हेल्थ बीमा भी तीन प्रकार का होता है , बीमा लेते समय अवश्य ध्यान दे : एक्सीडेंटल मेडिक्लेम   बीमा –   इसके अंतर्गत आपको एक्सीडेंट होने से अस्पताल मे भर्ती होने पर ही दिया जाता है । नार्मल रुप से बीमार होने पर नही दिया जाता है । इसकी प्रिमीयम थोडी कम होती है इसलिये अधिकांश लोग इसे समझे ब...

इलेक्ट्रीक कार / बाइक Electric Car /Bike खरीदे या नही

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  कार खरीदना हो या बाइक , आजकल जिस तरह से पेट्रोल की किमत बढ्ते जा रही है , एक दुसरा आप्शन हर एक व्यक्ति चाहता है । आज के समय मे इलेक्ट्रीक वाहन एक सबसे अच्छा आप्शन है पर क्या इसे लेना फायदे का सौदा होगा   ? इसमे कुछ लाभ और कुछ हानी भी है , चलिये इसको समझते है : लाभ – ·         वाहन चलाने का खर्च लगभग 1 रुपये किमी ही आएगा । ·         वाहन की सविसिंग की आवश्यकता ही नही होती क्योकि उसमे आइल लगता   ही नही है । ·         सामान्य वाहन के तुलना मे इसमे जगह (space) ज्यादा होती   है । ·         प्रदुषण (Pollution) बिल्कुल नही होता । हानी – ·         इलेस्ट्रीक वाहन   की किमत सामान्य कार की किमत से 40% से 50% ज्यादा होती है । ·         वाहन एक बार फुल चार्ज करने के बाद बहुत कम रेंज (100-150 किमी) ही चल पाता है और उसे चार्ज करने के लिय समय लगता ह...

बिजनेस Business कौन सा करे ..

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  मेरे पास बहुत से मेल आये है कि सर आप बिजिनेस के बारे मे बताए । बिजनेस के बारे मे यह तो हम सभी जानते है कि बिजनेस मे अनलिमिटेड पैसा कमाने का अवसर होता है जबकि जाब मे फिक्स्ड इनकम होती है । पहले यह जान ले कि इनकम दो प्रकार की होती है : एक्टिव इनकम – इसके अंतर्गत जब तक आप काम करते है तब तक इनकम होती है आपके काम न करने पर इनकम बंद हो जाती   जैसे कोइ जाब करना या दुकान खोलना , आदि । दुकान खोलना बिजनेस नही है वह सेल्फ एम्प्लाई की श्रेणी मे आता है । पेसिव इनकम - इसके अंतर्गत आपको पर्सनली काम करने की जरुरत नही होती है जैसे कोइ फेक्ट्री खोलना , प्रापर्टी किराये पर देना , आदि   । सबसे पहले यह समझिये कि चार प्रकार के लोग हो सकते है : स्टुटेंड – कालेज से अभी अभी ही पासाउट हुआ हो – अधिकांश बच्चे जब अपनी कालेज की पढाई पुरी कर लेते है तो उनके मन मे बिजनेस करने का विचार आता है । पहले उन्हे कुछ साल किसी अच्छी कम्पनी मे जाब करना चाहिए । जाब करने से उसमे सेल्फ डिसिप्लीन आता है और बिजिनेस की प्रोसेस को अच्छी तरह समझ पाते है । जाब करने वाला – जो अभी किसी कम्पनी मे कार्य कर रहा...

Digital Transaction डिजीटल ट्रांजेक्शन कितने प्रकार से होता है

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  जब भी हमे कोई पैसा ट्रांसफर करना होता है अर्थात हमे पैसे किसी को देने होते है  तो हम उसे दो प्रकार से कर सकते है :   1.   एनालाग तरीके से - इसमे हमे बेंक जाना जरुरी होता है             बेंक जाकर – हम बेंक जाकर, विड्रावल फार्म भरकर, पैसे नगद निकालकर , किसी व्यक्ति को दे सकते है ।        ए.टी.एम से -  हम ए.टी.एम. जाकर पैसे नगद निकालकर , किसी व्यक्ति को दे सकते है ।        चेक से – इसके अतर्गत हमे एक चेक बुक  बेंक द्वारा दी जाती है , उसे भरकर हम किसी दुसरे व्यक्ति को दे सकते है , उस व्यक्ति को बेंक जाकर उसे देना होता है , उसमे लिखा गया अमाउंट उस व्यक्ति के खाते ( Account) मे आ जाता है और हमारे खाते से कट जाता है ।       डिमांड ड्राफ्ट – हमे जितने पैसे किसी व्यक्ति को देना है उतने पैसे बेंक जाकर हमे  जमा करने होते है , बेंक उतने पैसे का हमे एक डिमांड ड्राफ्ट दे देती है जिसे उस व्यक्ति को देना होता है वह व्यक्ति उसे बेंक जमा करता है औ...